समाजशास्त्र के सिद्धान्त - विद्याभूषण SamajShastra Ke Siddhant - Hindi book by - VidyaBhushan
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समाजशास्त्र के सिद्धान्त

डॉ. विद्याभूषण

डॉ. डी आर सचदेव

प्रकाशक : किताब महल प्रयागराज प्रकाशित वर्ष : 2017
पृष्ठ :992
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2513
आईएसबीएन :8122500056

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विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों के समाजशास्त्र के पाठ्यक्रमानुसार

स्नातक स्तर के विद्यार्थियों एवं प्रतियोगात्मक परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए

विषय-सूची

भाग-एक

1. समाजशास्त्र की परिभाषा एवं विषय क्षेत्र ...1
समाजशास्त्र क्या है
समाजशास्त्र की आवश्यकता
समाजशास्त्र की परिभाषाएँ
समाजशास्त्र के विज्ञान का विकास
समाजशास्त्र : एक अर्वाचीन विज्ञान
जर्मन समाजशास्त्री
ऐतिहासिक भौतिकवाद
निजी सम्पत्ति का सिद्धान्त
वर्ग संघर्ष
राज्यविहीन समाज
टालकाट पार्सन्स-क्रिया परिधि
संरचनात्मक-प्रकार्यवाद विश्लेषण
समाजशास्त्र : एक पृथक विज्ञान
समाजशास्त्र एक विज्ञान है जिसकी पृथक् विषय सामग्री है
समाजशास्त्र सामाजिक तत्व सम्बन्धी विविध अध्ययनों का संकलन मात्र है
समाजशास्त्र की विषय सामग्री अनेक सामाजिक विज्ञानों में विभाजित है
समाजशास्त्र अन्य शास्त्रों से उधार लेता है
समाजशास्त्र का विषय
सम्पूर्ण सामाजिक जीवन है समाजशास्त्र का विषय-क्षेत्र
दो विभिन्न प्रकार
विशिष्टीकरण अथवा स्वरूपात्मक सम्प्रदाय
स्वरूपात्मक सम्प्रदाय की आलोचना
समन्वयात्मक सम्प्रदाय
निष्कर्ष
समाजशास्त्र का क्षेत्र
समाजशास्त्र की प्रकृति
विज्ञान का अर्थ
समाजशास्त्र को विज्ञान नहीं माना जा सकता
समाजशास्त्र विज्ञान है
क्या समाजशास्त्र मूल्यनिरपेक्ष विज्ञान हो सकता है
समाजशास्त्र का महत्व
समाजशास्त्र समाज का वैज्ञानिक अध्ययन करता है
समाजशास्त्र व्यक्ति के विकास में संस्थाओं के स्थान का अध्ययन करता है
समाज संबंधी ज्ञान तथा उसके आयोजन के लिए समाजशास्त्र का अध्ययन अनिवार्य है
सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए समाजशास्त्र बहुत महत्वपूर्ण है
समाजशास्त्र ने मनुष्य के वास्तविक महत्व तथा उसके सम्मान की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट किया है,
अपराध आदि का समस्याओं के संबंध में समाजशास्त्र ने हमारा दृष्टिकोण बदल दिया है
मानव संस्कृति को समृद्ध बनाने में समाजशास्त्र ने बड़ा योग दिया है
समाजशास्त्र अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में अति महत्वपूर्ण है
शिक्षा के विषय के रूप में भी समाजशास्त्र उपयोगी है
व्यवसाय के रूप में समाजशास्त्र का महत्व
प्रश्न।
2. समाजशास्त्र की पद्धतियाँ ...37
वैज्ञानिक या प्रयोगात्मक पद्धति
वस्तुपरकता की समस्या
ऐतिहासिक पद्धति
तुलनात्मक पद्धति
प्रतिकूल निगमन पद्धति
आदर्श प्रकार पद्धति
सांख्यिकीय पद्धति
समाजमिति पद्धति
सामाजिक सर्वेक्षण पद्धति
प्रकरण अध्ययन पद्धति
प्रश्नावली एवं साक्षात्कार पद्धति
लोकमत संग्रह पद्धति
वहन पद्धति
प्रकार्यात्मक पद्धति
प्रश्न।
3. अन्य सामाजिक शास्त्रों से समाजशास्त्र का सम्बन्ध ...51
समाजशास्त्र और इतिहास
समाजशास्त्र तथा राजनीतिशास्त्र
समाजशास्त्र तथा नीतिशास्त्र
समाजशास्त्र तथा मानवशास्त्र
समाजशास्त्र तथा अर्थशास्त्र
समाजशास्त्र तथा भूगोल
समाजशास्त्र तथा सामाजिक मनोविज्ञान
समाजशास्त्र तथा विधिशास्त्र
समाजशास्त्र तथा जीवविज्ञान
प्रश्न।

भाग - दो : समाज

4. कुछ आधारभूलक अवधारणाएँ ...67
समाज
समाज का अर्थ
समाज की परिभाषाएँ
समाज सामाजिक सम्बन्धों का ताना बाना है
भिन्नता समानता के अधीन है
समाज. संग्रह तथा जीवाणु समुदाय समुदाय का अर्थ समुदाय की कुछ परिभाषाएँ
समुदाय के तत्व
समुदाय का आकार
समुदाय तथा समाज में अन्तर
समिति समिति का अर्थ
समाज तथा समिति में अन्तर
समिति तथा समुदाय में अन्तर
संस्था
संस्थाएँ कार्यविधि के प्रकार है
संस्था तथा समिति में अन्तर तथा समुदाय में अन्तर
संस्था का महत्व
संगठन
संगठन के तत्व
सामाजिक संरचना
सामाजिक व्यवस्था
व्यवस्था का अर्थ
व्यवस्था के प्रकार
सामाजिक व्यवस्था का अर्थ
सामाजिक व्यवस्था की विशेषताएँ
सामाजिक संरचना तथा सामाजिक व्यवस्था में सम्बन्ध
प्रश्न।
5. मनुष्य तथा समाज ...96
समाज की उत्पत्ति
सामाजिक संविदा का सिद्धान्त
विभिन्न सिद्धान्तों की संक्षिप्त आलोचना
विकासवादी सिद्धान्त
समाज के प्रकार
जनजातीय समाज
आर्थिक संरचना
सामाजिक जीवन
कृषक समाज
कृषक समाज की संरचना एवं विशेषताएँ
औद्योगिक, समाज
औद्योगिक समाज की विशेषताएँ
समाज का स्वरूप
दो सिद्धान्त
समाज का सावयवी सिद्धान्त
आलोचना
समूह-मन सिद्धान्त
आलोचना
व्यक्ति तथा समाज में वास्तविक सम्बन्ध
मनुष्य स्वभाव से सामाजिक प्राणी है
आवश्यकता मनुष्य को सामाजिक बनाती है
समाज व्यक्तित्व का विकास करता है
मनुष्य समाज बनाम पशु समाज
पशुओं के लिए समाज की आवश्यकता
मानव समाज और पशु समाज में भेद
जैविकीय भेद
सामाजिक सांस्कृतिक अंतर
भाषा तथा समाज
भाषा का जन्म
भाषा एक संस्था है
अभिव्यक्ति के तीन माध्यम
भाषा का महत्व
सार्वभौम भाषा की आवश्यकता
प्रश्न ।
6. समाजीकरण ...121
समाजीकरण का अर्थ समाजवाद
समाजीकरण की प्रक्रिया-आत्म का विकास
कूले का सिद्धान्त
दर्पण सिद्धान्त के तीन मुख्य तत्व हैं
मीड का सिद्धान्त
फ्रायड का सिद्धान्त
समाजीकरण के अभिकरण
परिवार
शिक्षण संस्थाएँ
क्रीड़ा-साथी अथवा मित्र-चर्च-राज्य - समाजीकरण के तत्व
समाजीकरण के महत्व
प्रौढ़ों का समाजीकरण
वैयक्तिकरण वैयक्तिकरण के पक्ष
प्रश्न ।
7. रुचियाँ और मनोवृत्तियाँ ...138
रुचि और मनोवृत्ति का अर्थ
रुचि वस्तुपरक, मनोवृत्ति व्यक्तिनिष्ठ हित सामान्य एवं समान, मनोवृत्ति समान, परन्तु सामान्य नहीं
सामाजिक जीवन में हितों एवं मनोवृत्तियों का महत्व
मनोवृत्तियों का वर्गीकरण
वर्गीकरण विस्तृत नहीं
मनोवृत्तियों का मापन -हितों के प्रकार
समान एवं सामान्य हित
बहिर्मुखी हित
अन्तर्मुखी हित
प्रेरणा
प्रश्न।
8. सामाजिक क्रिया के तत्व ...146
तत्वों की परिभाषा
कर्ता लक्ष्य
परिस्थितियाँ
साधन
साधनों की तर्कसंगति की समस्या
लक्ष्यों का समाकलन
लक्ष्यों का आर्थिक समाकलन
लक्ष्यों का राजनीतिक समाकलन
लक्ष्यों का धार्मिक सैनिक समाकलन
प्रश्न।
9. सामाजिक अन्त:क्रिया ...154
सामाजिक अन्त:क्रिया का अर्थ
सामाजिक सांस्कृतिक प्रक्रियाएँ
सामाजिक प्रक्रियाओं के स्वरूप सहयोग सहयोग के प्रकार
सहयोग का महत्व
प्रतियोगिता
प्रतियोगिता का अर्थ
प्रतियोगिता की विशेषताएँ – प्रतियोगिता का महत्व
संघर्ष
संघर्ष के कारण
संघर्ष के प्रकार
संघर्ष का महत्व
संघर्ष एवं प्रतियोगिता में अन्तर
सहयोग एवं संघर्ष साथ साथ चलते हैं
समायोजन
समायोजन के प्रकार या ढंग
समायोजन की सार्वभौमिकता-सात्मीकरण
सात्मीकरण की प्रक्रिया में चरण
सात्मीकरण में बाधाएँ और सहायताएँ
समायोजन और सात्मीकरण में अन्तर
पृथक्करण
पृथक्करण के प्रकार
पृथक्करण: इसका नकारात्मक महत्व
समाजों और समूहों का पृथक्करण
प्रश्न ।
10. समाज तथा पर्यावरण ...188
पर्यावरण का अर्थ
भौतिक पर्यावरण
भौतिक पर्यावरण का प्रभाव
भौगोलिक सम्प्रदाय का मूल्यांकन
सामाजिक पर्यावरण
प्रश्न ।
11. अनुवंशिकता एवं पर्यावरण ...200
अनुवंशिकता का अर्थ
अनुवंशिकता के प्रभाव
अनुवंशिकता तथा पर्यावरण के तुलनात्मक महत्व को निर्धारित करने के लिए नियंत्रित परीक्षण
वंशानुक्रम एवं पर्यावरण अविछिन्न हैं
प्रश्न।

भाग - तीन :  सामाजिक संगठन

12. सामाजिक संरचना ... 211
सामाजिक संरचना का अर्थ
सामाजिक संरचना के तत्व
सामाजिक संरचना के प्रकार
सामाजिक संस्थाएँ
संस्थाओं के प्रकार  
संस्थाओं के कार्य
संस्थाओं के अन्त:सम्बन्ध
प्रश्न।
13. सामाजिक व्यवस्था ...222
सामाजिक व्यवस्था के तत्व
विश्वास एवं जन-भावनायें
लक्ष्य तथा उद्देश्य
आदर्श नियम
प्रस्थिति एवं भूमिका
पद-शक्ति अथवा सत्ता-शास्ति सुविधा
पारसन्स का सिद्धान्त
क्रिया-कर्ता-प्रस्थिति-भूमिका
सामाजिक व्यवस्थाओं का वर्गीकरण
सामाजिक व्यवस्था की पूर्वापेक्षाएँ
सामाजिक व्यवस्था की यंत्र-विधियाँ
प्रश्न।
14. सामाजिक समूहों के प्रकार ...233
समूह का अर्थ
सामाजिक समूह तथा संभाव्य समूह में अन्तर
सामाजिक समूह की विशेषतायें
समूह तथा समाज में अन्तर
समूह तथा संस्था में अन्तर
समूह तथा समुदाय में अन्तर
समूहों का वर्गीकरण
अन्त:समूह बनाम बाह्य समूह
संजाति केन्द्रीयता
अन्तः समूह की विशेषता
कूले का वर्गीकरण
प्रारम्भिक समूह का अर्थ
प्राथमिक समूह की विशेषताएँ
प्राथमिक समूह का महत्व
सहज जीवन
उद्दीपन की व्यवस्था
प्रक्रिया में एकीकृत-समाज के लिये प्राथमिक समूह का महत्व
प्राथमिक समूह के निर्णय
गौण समूह का अर्थ
प्राथमिक समूह एवं गौण समूह में अन्तर
आकार-सहयोग का स्वरूप
संरचना का प्रकार
सम्बन्ध गौण समूह की प्रमुख विशेषताएँ
गौण समूह प्राधिकार का संगठन
संघात्मक सिद्धान्त
शासकीय दायित्व का नियम
गौण समूह का महत्व संदर्भ समूह
स्थानीय समूह
गोत्र
गोत्र के कार्य
जनजाति के लक्षण
जनजाति तथा गोत्र में अन्तर
जनजाति एवं जाति में अन्तर
खानाबदोश दल
प्रश्न।
15. सामूहिक व्यवहार ...264
सामूहिक व्यवहार का अर्थ
भीड़ का अर्थ
भीड़ की विशेषताएँ
भीड़ के प्रकार
क्रियाशील भीड़
आक्रामक भीड़
भयग्रस्त भीड़
अर्जनशील भीड़
प्रदर्शनकारी भीड़
निष्क्रिय भीड़
भीड़ व्यवहार के सिद्धान्त
समूह-मन सिद्धान्त
फ्रायड का सिद्धान्त
बहुकारक सिद्धान्त
जनता
जनता का अर्थ
जनता का स्वरूप
जनता तथा भीड़ में अन्तर
प्रश्न।
16. सामाजिक आन्दोलन ...283
सामाजिक आन्दोलन का अर्थ
सामाजिक आन्दोलनों के कारण
सांस्कृतिक, विस्थापन, सामाजिक विघटन, सामाजिक अन्याय
सामाजिक आन्दोलनों के प्रकार
क्रांति नेतृत्व का महत्व नेतृत्व का अर्थ
नेतृत्व का स्वभाव
नेतृत्व के कार्य
प्रश्न ।
17. परिवार ...292
परिवार की परिभाषा
परिवार का स्वरूप परिवार की उत्पत्ति
प्राचीन वर्णसंकर का सिद्धान्त
परिवार की कोई उत्पत्ति नहीं
परिवार की उत्पत्ति मानवीय आवश्यकताओं में
परिवार के प्रकार
पितृसत्तात्मक परिवार
मातृसत्तात्मक परिवार
रचना-निवास स्थान
विवाह
वंश परम्परा
अन्तः समूह एवं बाह्यसमूह सम्बन्धों नातेदारी
परिवार के कार्य
समाजीकरण में परिवार का महत्व
आधुनिक परिवार
पितृसत्तात्मक परिवार के पतन के कारण
आधुनिक परिवार की विशेषताएं
आधुनिक परिवार की अस्थिरता
अमेरिका तलाक में अग्रणी है
तलाक का क्या कारण है
अमेरिका अग्रणी क्यों है
परिवार का पुर्ननिर्माण
श्रेष्ठ विवाह
मानसिक समंजन
परिवार का भविष्य
परिवार तथा राज्य
राज्य नियंत्रण एक सार्वभौमिक घटना
राज्य-नियंत्रण का प्रजनन -आधार
प्रश्न ।
18. भारत में परिवार ...322
संयुक्त परिवार का अर्थ
संयुक्त परिवार की विशेषताएँ  
संयुक्त परिवार-प्रथा का जन्म
संयुक्त परिवार प्रथा के गुण
संयुक्त परिवार के अवगुण
प्रश्न ।
19. विवाह ...330
विवाह का अर्थ
विवाह के प्रकार
एक पत्नी, बहु पति : बहुपतित्व
एक पति, अनेक पत्नी : बहुपत्नीत्व
एक पुरुष, एक पत्नी : एकपत्नीत्व
मैत्री विवाह
प्रयोगात्मक विवाह
साथी का चुनाव
बहिर्विवाह
बहिर्विवाह के रूप
अन्तर्विवाह
अन्तर्विवाह के रूप
सुप्रजनीय कारण
माता-पिता द्वारा चुनाव
भारत में विवाह
विवाह एक धार्मिक संस्कार
विवाह के रूप
1955 का हिन्दू विवाह अधिनियम
हिन्दू विवाह बहिर्विवाह पर आधारित है
विवाह की रीतियाँ
भारत में तलाक
भारत में विवाह एवं परिवार सम्बन्धी समस्याएँ
नारी की वर्तमान निम्न स्थिति
सुधार आन्दोलन
दहेज प्रथा
नातेदारी
नातेदारी का अर्थ
नातेदारी के प्रकार
नातेदारी के वंश
नातेदारी पारिभाषिक शब्द
वर्गीकृत प्रणाली -वर्णनात्मक प्रणाली
नातेदारी रीतियाँ
प्रश्न ।
20. सामाजिक स्तरीकरण ...349
सामाजिक स्तरीकरण का अर्थ
प्रस्थिति की असमानता
सामाजिक स्तरीकरण की विशेषताएँ
स्तरीकरण का आरम्भ कैसे हुआ
सामाजिक वर्ग का अर्थ एवं स्वरूप
प्रस्थिति
स्थिरता का तत्व
वर्ग का विकास
दास प्रथा की उत्पत्ति
गिल्ड प्रथा
बुर्जुआ प्रणाली
पूँजीवादी और प्रोल्तारी
मध्यवर्ग -. मध्यवर्ग के उपभेद
वर्ग विभेदों की कसौटियाँ
जन्म की कसौटी
सम्पत्ति की कसौटी
व्यवसाय की कसौटी
शासनतन्त्र की कसौटी
शिक्षा की कसौटी
वर्गों के कार्य
अभिप्रेरणा एवं समन्वय
सामाजिक वर्ग एवं जीवन शैली
वर्ग की मार्क्सवादी अवधारणा
वैबलिन का अवकाश-वर्ग का सिद्धान्त
वर्ग-चेतना
वर्ग-चेतना क्या है
वर्ग-चेतना की शर्ते
संसृष्ट वर्ग-चेतना
प्रतियोगितात्मक
वर्ग-भावना
प्रश्न ।
21. भारत में सामाजिक स्तरीकरण ...369
जाति की परिभाषा
विभिन्न परिभाषाएँ
वर्ग एवं जाति में अन्तर
जाति व्यवस्था की उत्पत्ति
भारतीय जाति-व्यवस्था के गुण एवं दोष
जातियों की अन्योन्याश्रिता (जजमानी व्यवस्था)
भारतीय जाति-व्यवस्था की आधुनिक प्रवृत्तियाँ
भारत में जाति व्यवस्था का भविष्य
सामाजिक गतिशीलता
सामाजिक गतिशीलता अपरिहार्य है
गतिशीलता की मात्रा
प्रश्न ।
22. भूमिका एवं प्रस्थिति ...395
भूमिका का स्वरूप
भूमिका संघर्ष
प्रस्थिति का स्वरूप
प्रस्थिति एवं पद
प्रस्थिति के निर्धारक
प्रस्थिति तुलना
अर्जित एवं आरोपित प्रस्थिति
प्रस्थिति
व्यवस्था की सामाजिक आवश्यकता
प्रश्न ।
23. नेतृत्व ...410
नेतृत्व का अर्थ
नेतृत्व बनाम शक्ति
नेतृत्व बनाम अध्यक्षता
नेतृत्व की विशेषताएँ
नेतृत्व का स्वरूप
नेतृत्व के कार्य
व्यक्ति नेता क्यों बनता है
नेतृत्व के प्रकार
नेतृत्व की प्रविधियाँ
प्रश्न ।
24. राजनीतिक व्यवस्था ...422
राजनीतिक व्यवस्था का अर्थ
राज्य का अर्थ
विभिन्न परिभाषाएँ
राज्य की विशेषता
राज्य सामाजिक संरचना का केवल एक अंग है, इसका सम्पूर्ण नहीं
समाज एवं राज्य में अन्तर
राज्य की उत्पत्ति
राज्य ऐतिहासिक विकास है
राज्य का विकास
राज्य के कार्य
राज्य सीमित निकाय है
व्यवस्था का संरक्षण-संधारण तथा विकास
राज्य बल की संस्था के रूप में
बल की प्रशंसा
राज्य का जन्म बल से नहीं हुआ
बल राज्य का लक्ष्य नहीं है
बल सीमित प्रयोग का साधन है
सरकार
सरकार का अर्थ
इसके प्रकार
राजनीतिक दल
मतदान व्यवहार
दबाव समूह
शक्ति संरचना
शक्ति का अर्थ
शक्ति का प्रयोग
शक्ति का अभिजन सिद्धान्त
नौकरशाही
नौकरशाही का अर्थ
नौकरशाही में वृद्धि
नौकरशाही के सामाजिक परिणाम
प्रश्न ।
25. आर्थिक व्यवस्था ...460
आर्थिक विकास
पूँजीवाद - पूँजीवाद का विकास
पूँजीवाद के लक्षण
पूँजीवाद के सामाजिक परिणाम
सम्पत्ति
सम्पित्ति अधिकार का स्वरूप
निजी सम्पत्ति
निजी सम्पत्ति के लाभ
निजी सम्पत्ति के दोष
श्रम विभाजन
श्रम-विभाजन के लाभ
श्रम-विभाजन के दोष
निगमित व्यापार संगठन
निगमित संगठन का स्वरूप
अन्तर्राष्ट्रीय संघ
लाभ
दोष
व्यावसायिक समूह
ट्रेड यूनियन
ट्रेड यूनियनों का विकास
श्रमिक संघ के उद्देश्य
ट्रेड यूनियन के ढंग
प्रश्न ।
26. प्रजाति ...479
प्रजाति का अर्थ
प्रजाति एक जैविकीय अवधारणा है
प्रजाति के निर्धारक तत्व
कोई भी लक्षण आधारमूलक नहीं है
प्रजातियों का वर्गीकरण
वंशावालिक वर्गीकरण
कोई विशुद्ध प्रजाति नहीं है तीन मध्य प्रजातियाँ
भारत में प्रजातियाँ
मानसिक योग्यता में प्रजातीय विताएँ
विभिन्न प्रजातियों की खोपड़ी का घनत्व
कुछ अन्य परीक्षण
निष्कर्ष
कुछ प्रजातियाँ भ्रांतियाँ
प्रजाति पूर्वाग्रह
प्रजाति पूर्वाग्रह जन्मजात नहीं है
प्रजाति पूर्वाग्रह को किस प्रकार समाप्त किया जाए
प्रश्न ।

भाग - चार : मानव पारिस्थिकी

27. ग्रामीण समुदाय ...497
मानव-पारिस्थितिकी का अर्थ
समुदाय का अर्थ
समुदाय स्थानीय क्षेत्र के रूप में
समुदाय भावना के रूप में
सामुदायिक संगठन के प्रकार
पड़ोस
ग्रामीण समुदाय
ग्रामीण समुदाय का विकास
ग्रामीण समुदाय की विशेषतायें
ग्रामीण समुदाय की उन्नति
भारत में ग्रामीण समुदाय
भारत देहातों का देश है
ग्रामीण समुदाय में परिवर्तन
प्रश्न
28. नगरीय समुदाय ...511
नगरीय का अर्थ
नगरों का विकास
नगरों का वर्गीकरण
नगरीय समुदाय की विशेषतायें
भारत में नगर-समुदाय
नगरीय जीवन एवं ग्रामीण जीवन की तुलना
नगरीय जीवन का मूल्यांकन – शहरी जीवन का अन्धकार पक्ष-उज्जवल पक्ष
उचित समंजन की आवश्यकता
नगर का भविष्य
प्रादेशिक समुदाय
प्रदेश का अर्थ
प्रदेशवाद
प्रदेशों के प्रकार
भारत में प्रदेश
प्रश्न।
29. राष्ट्रीय समुदाय ...530
राष्ट्र का अर्थ
वस्तुपरक तत्व
राष्ट्र तथा राज्य में अन्तर
राष्ट्र-राज्य का विकास
प्रजातंत्रीय राष्ट्र राज्य का विकास
राष्ट्रीयता-भाव के प्रकार
विश्व समुदाय
प्रश्न।
30. जनसंख्या ...539
समाज तथा जनसंख्या
जनन क्षमता के सामाजिक निर्धारक
मृत्यु के सामाजिक निर्धारक
मानव प्रवास
प्रवास कौन करता है
अप्रवासियों की समस्यायें
जनसंख्या एवं राष्ट्रीयता
जनसंख्या का वितरण
भारत में जनसंख्या का वितरण
आयु विभाजन
लैंगिक वितरण
देहातों एवं नगरों में जनसंख्या-वितरण
जनसंख्या की वृद्धि
औद्योगीकरण
जनसंख्या में परिवर्तन के कारण
जन्म दर
मृत्यु दर
जीवन-रेखा
जनसंख्या में वृद्धि
मालथस का निराशावाद
मालथस की आलोचना
जीवन-स्तर एवं जनसंख्या
चारों तत्वों का अन्तः सम्बन्ध
जनसंख्या की वृद्धि को कम करना
संतान-नियंत्रण का समर्थन
सन्तति नियमन का विरोध
प्रश्न ।

भाग - पाँच : सामाजिक नियंत्रण

31. सामाजिक नियंत्रण का अर्थ एवं स्वरूप ...563
सामाजिक नियंत्रण का अर्थ
सामाजिक नियंत्रण बाह्यः आत्म नियंत्रण आन्तरिक
सामाजिक नियंत्रण तथा समाजीकरण
सामाजिक नियंत्रण की अवधारणा का विकास
सामाजिक नियंत्रण की आवश्यकता
सामाजिक नियंत्रण के उद्देश्य
सामाजिक नियंत्रण के साधन
अनौपचारिक साधन
औपचारिक साधन
युगों के दौरान सामाजिक नियंत्रण
आधुनिक समाज में सामाजिक नियंत्रण
भविष्य में सामाजिक नियंत्रण
प्रश्न।
32. आदर्श नियम एवं मूल्य ...582
आदर्श नियमों का अर्थ
आदर्श नियम समूह-व्यवहार के मानक हैं
आदर्श नियमों में मूल्य-निर्णय सन्निहित होते हैं
आदर्श नियम तथ्यात्मक संसार से संबंधित होते हैं
आदर्श नियमों का महत्व
आदर्शहीन समाज एक असंभाविता है
आदर्श नियम समाज को दृढ़ता प्रदान करते हैं
आदर्श नियम मनुष्य की मनोवृत्तियों को प्रभावित करते हैं
आदर्श नियमों का पालन
कुछ व्यवहार एवं मनोवृत्तियाँ ही दूसरों की अपेक्षा आदर्शात्मक नियंत्रण के अधीन क्यों होती हैं
आदर्श नियमों का पालन कुछ समूहों में दूसरों की अपेक्षा अधिक क्यों पाया जाता है
समूह के कुछ सदस्य अन्य सदस्यों की अपेक्षा आदर्श नियमों का अधिक पालन क्यों करते हैं
आदर्श नियमों में संघर्ष
प्रश्न।
33. लोकरीतियाँ एवं लोकाचार ...592
लोकरीतियों का अर्थ
लोकरीतियाँ व्यवहार के मान्यीकृत ढंग हैं
कुछ परिभाषायें
लोकरीतियों की विशेषताएँ
लोकरीतियाँ बनाम प्रथाएँ
लोकरीतियों की विभिन्नता
लोकरीतियाँ परिवर्तनशील हैं
लोकरीतियों की संपूष्टि
लोकाचारों का अर्थ
लोकाचार व्यवहार के नियामक हैं
कुछ परिभाषाएँ
लोकरीतियों एवं लोकाचारों में अन्तर
लोकाचारों की विविधता
लोकाचारों की परिवर्तनशील प्रकृति
लोकाचार एवं संपुष्टियाँ
लोकाचारों की उपयोगिता
लोकाचार एवं कानून
क्या लोकरीतियाँ एवं लोकाचार यथेष्ट हैं
प्रश्न ।
34. प्रथा, कानून एवं शोभाचार ...607
प्रथा एवं स्वभाव
स्वभाव एक परिघटना है
स्वभाव सीखा जाता है
स्वभाव के निर्दिष्ट कार्य
स्वभाव को तोड़ना-प्रथा एक सामाजिक तत्व है
प्रथाएँ स्वभाव को जन्म देती हैं
प्रथा की उत्पत्ति एवं इसके उद्देश्य प्रथा की उत्पत्ति अस्पष्ट है
सभी प्रथाएँ तर्कहीन नहीं है
प्रथा की सामाजिक भूमिका
कानून का अर्थ
विभिन्न परिभाषायें
दो उपागम
प्रथा एवं कानून में अन्तर
कानून एवं प्रथा एक दूसरे के सहायक एवं पूरक हैं
कानून एवं प्रथा के संघर्ष
शोभाचार का अर्थ
प्रथा एवं शोभाचार में अन्तर
आधुनिक समाज में शोभाचार
शोभाचार की सामाजिक भूमिका
प्रश्न।
35. धर्म एवं नैतिकता ...629
धर्म का अर्थ
रैडिन
धर्म के रूप-धर्म की उत्पत्ति
धर्म की सामाजिक भूमिका
धर्मनिरपेक्षता के कारण
धर्मनिरपेक्षता का प्रभाव
नैतिकता का अर्थ
धर्म एवं नैतिकता
धर्म एवं नैतिकता सहगामी है
नैतिकता एवं धर्म को विलग किया जाना चाहिए
धर्म की अपर-सामाजिक स्वीकृति
मानववादी धर्म
कानून और नैतिकता
विषय भिन्नता - अनुशस्ति में भिन्नता
निश्चितता में भिन्नता
कानून और नैतिकता का सम्बन्ध
नैतिकता एवं सामाजिक नियम
नैतिकता एवं सामाजिक नियमों में अन्तर
नैतिक मूल्य आंतरिक, सामाजिक मूल्य बाह्य होते हैं
सामाजिक नियमों की आवश्यकता
प्रश्न।
36. सामाजिक नियंत्रण के अभिकरण ...657
जनमत का अर्थ
जनता क्या है
मत क्या है
लोकमत की विशेषतायें
जनमत का निर्माण
जनमत के अभिकरण – प्रेस
रेडियो
चलचित्र
विधानमंडल
जनमत-मापन के प्रयत्न
प्रचार का अर्थ
शिक्षा एवं प्रचार
प्रचार की उपयोगिता
प्रचार की प्रविधि
शिक्षा का अर्थ
शिक्षा सामाजिक विरासत के हस्तांतरण की प्रक्रिया है
शिक्षा का विकास
मध्य युग
धर्म निरपेक्ष शिक्षा
शिक्षा के उद्देश्य
विभिन्न विचार
शिक्षा को चुनौतियाँ
भारतीय शिक्षा में संकट
वास्तविक संकट
स्वतन्त्रता के उपरांत भारतीय शिक्षा
प्रणाली में सुधार के प्रयत्न
प्रश्न।

भाग - छह : सामाजिक परिवर्तन

37. सामाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त ...687
सामाजिक परिवर्तन का अर्थ
सामाजिक परिवर्तन का स्वरूप
सामाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त
सामाजिक परिवर्तन की दिशा
सामाजिक परिवर्तन के कारण
नियतिवादी सिद्धान्त
सामाजिक उद्विकास एवं प्रगति
उद्विकास का अर्थ
उद्विकास विभेदीकरण एवं समेकन की प्रक्रिया है
सामाजिक उद्विकास में विभेदीकरण अनिवार्य नहीं है
प्रगति की अवधारणा
उद्विकास तथा प्रगति के अन्तर
प्रश्न।
38. सामाजिक परिवर्तन के कारक ...708
जैविक कारक
प्राकृतिक एवं सामाजिक प्रवरण
प्राकृतिक प्रवरण
सामाजिक प्रवरण
सामाजिक प्रवरण के प्रकार
सामाजिक प्रवरण के स्वरूप
प्राकृतिक कारक
प्रौद्योगिकीय कारक
उत्पादन प्रौद्योगिकी में परिवर्तन
संचार-साधनों में परिवर्तन
यातायात के साधनों में परिवर्तन
अप्रत्यक्ष सामाजिक प्रभाव
अभिसारी भौतिक आविष्कारों के सामाजिक प्रभाव
पारिवारिक जीवन पर प्रभाव
आर्थिक जीवन पर प्रभाव
सामाजिक जीवन पर प्रभाव
राज्य पर प्रभाव
धार्मिक जीवन पर प्रभाव
प्रौद्योगिकीय आविष्कारों का विरोध
सामाजिक आविष्कार
सामाजिक आविष्कार सामाजिक परिवर्तन लाते हैं
सामाजिक आविष्कारों का विरोध
लोग सामाजिक परिवर्तन का विरोध क्यों करते हैं
विरोध सदैव हानिकारक नहीं होता
सांस्कृतिक कारक
सांस्कृतिक विलम्बना
सांस्कृतिक विलम्बना की व्याख्या
विविध उदाहरण
आगबर्न की आलोचना
सामाजिक परिवर्तन पर संस्कृति का प्रभाव
प्रश्न ।
39. संस्कृति एवं सभ्यता ...734
संस्कृति का अर्थ
विभिन्न परिभाषाएँ
संस्कृति तथा सभ्यता में अन्तर
सभ्यता उपकरण-रूप में प्रयुक्त उपयोगी वस्तुओं का बोध कराती है
संस्कृति एवं सभ्यता अन्योन्याश्रित हैं
दोनों परस्पर प्रभावशाली हैं
संस्कृति सभ्यता को भी प्रभावित करती है
संस्कृति की संरचना
सांस्कृतिक तत्व
संस्कृति संकुल-संस्कृति
प्रतिमान
उपसंस्कृतियाँ
विपरीत संस्कृतियाँ
सांस्कृतिक क्षेत्र
संस्कृति का उद्विकास
संस्कृति की प्रकारान्तरता
सांस्कृतिक प्रकारान्तरता के तत्व
संस्कृति के कार्य
समूह के लिये
सांस्कृतिक प्रसार
प्रश्न।
40. व्यक्तित्व ...759
व्यक्तित्व का अर्थ
व्यक्तित्व के प्रकार
व्यक्तित्व के निर्धारक
व्यक्तित्व एवं पर्यावरण
आनुवंशिकता एवं व्यक्तित्व
व्यक्तित्व एवं संस्कृति
व्यक्तित्व एवं विशिष्ट अनुभव
व्यक्तित्व विघटन
व्यक्तित्व-विघटन के कारण
संस्कृति एवं व्यक्तित्व-विघटन
आदिम समाजों में व्यक्तित्व-विघटन
व्यक्तित्व पुनर्गठन
प्रश्न.।
41. विचलित व्यवहार एवं विसंगति ...776
विचलित व्यवहार का अर्थ
विचलन सापेक्ष है, असापेक्ष नहीं
विचलित उपसंस्कृतियाँ
विचलित व्यवहार के कारण
विचलित व्यवहार का महत्व
प्रश्न।
42. सामाजिक विघटन ...782
सामाजिक विघटन का अर्थ
सामाजिक विघटन के लक्षण
सामाजिक विघटन के चिह्न
सामाजिक विघटन के कारण
सामाजिक समस्याओं का स्वरूप
सामाजिक समस्याएँ समाज के कल्याण को आघात पहुँचाने वाली परिस्थितियाँ होती हैं
सामाजिक समस्याओं का आत्मपरक तत्व
सामाजिक समस्याओं का वर्गीकरण
सामाजिक समस्याओं के कारण
प्रश्न।
43. प्रमुख सामाजिक समस्याएँ ...796
निर्धनता
निर्धनता अमीरी का सापेक्ष है
समरूप स्तर नहीं हैं
निर्धनता के कारण बेरोजगारी, बेरोजगारी के कारण अपराध
भारत में अपराध
अपराध कैसे रोका जाये
युद्ध
युद्ध का कारण
युद्ध के प्रभाव
युद्धों को कैसे समाप्त किया जा सकता है
सामाजिक समस्याओं का समाधान
सामाजिक आयोजन
सामाजिक आयोजन का उद्देश्य
सामाजिक आयोजन की कठिनाइयाँ
भारत में सामाजिक आयोजन
सुरक्षा आश्रम
मद्य-निषेध
हरिजन-कल्याण
बेरोजगारी
प्रश्न।

विनामूल्य पूर्वावलोकन

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