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बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-B - मूल्य एवं शान्ति शिक्षा बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-B - मूल्य एवं शान्ति शिक्षासरल प्रश्नोत्तर समूह
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बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-B - मूल्य एवं शान्ति शिक्षा
प्रश्न- सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर-
सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन (Sanfrancisco Summit)– 25 अप्रैल 1945 में अनेक राष्ट्रों के प्रतिनिधि सैन फ्रांसिस्को में एकत्रित हुए एवं लॉर्ड हैलीफैक्स (Lord Halifax) की अध्यक्षता में सम्मेलन प्रारंभ हुआ जो 25 जून, 1945 तक चला। इस सम्मेलन में चार्टर के प्रवधानों पर विचार किया गया एवं इसे मत देकर सहमत हुआ अन्य ने चार्टर स्वीकार कर लिया। चार्टर के प्रवधानों पर किसी को भी विरोध नहीं हो सका क्योंकि संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थायी सदस्यों की सहमति से ही चार्टर का अनुमोदन स्थायी सदस्य अर्थात् चीन, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस तथा अमेरिका की सरकारों तथा अन्य स्वतंत्र मित्र राष्ट्रों में से आधे से अधिक राष्ट्रों की सहमति आवश्यक थी। इस आवश्यकता की पूर्ति 25 अक्टूबर 1945 को हो गई; उसी दिन से विधिवत संयुक्त राष्ट्र चार्टर लागू हो गया। सैन-फ्रांसिस्को-सम्मेलन में चार्टर पर 51 राज्यों ने हस्ताक्षर किये थे। ये राज्य संयुक्त राष्ट्र के मौलिक सदस्य थे। आज संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्यों की संख्या 185 है और अब से भी आगे बढ़ने की सम्भावना अधिक है। अतः यह कहना उचित न होगा कि संयुक्त राष्ट्र ने लगभग सार्वभौमिकता प्राप्त कर ली। राष्ट्र संघ के मुकाबले में (जिसमें केवल 62 सदस्य थे) संयुक्त राष्ट्र के सच्चे अर्थों में सार्वभौमिक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था कहा जा सकता है क्योंकि इसमें 191 राज्य सम्मिलित हैं।
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