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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
अध्याय 12 - हिन्दी में लेखन कौशल एवं भाषण कौशल
प्रश्न- लेखन (वर्तनी) का अर्थ बताइये। इसके उद्देश्यों एवं विधियों का वर्णन कीजिये।
सम्बन्धित लघु उत्तरीय प्रश्न
1. लेखन ( वर्तनी) का अर्थ बताइये।
उत्तर.
लेखन का अर्थ
रचना भावों एवं विचारों की कलात्मक अभिव्यक्ति है। वह शब्दों को क्रम से लिपिबद्ध, सुव्यवस्थित करने की कला है। भावों एवं विचारों की यह कलात्मक अभिव्यक्ति जब लिखित रूप में होती है तब उसे लेखन अथवा लिखित रचना कहते हैं। अभिव्यक्ति की दृष्टि से लेखन तथा वाचन परस्पर पूरक होते हैं। वाचन से लेखन कठिन होता है। लेखन में वर्तनी का विशेष महत्त्व है जबकि वाचन में ध्वनि का महत्त्व होता है। उच्चारण की शुद्धता आवश्यक तत्त्व है और लेखन में अक्षरों का सुडौल होना वर्तनी की शुद्धता होनी चाहिए। साहित्य में स्थायीपन लेखन से आता है। लेखन से अभिव्यक्ति के अनेक रूप हैं-कंविता, कहानी, काव्य, निबन्ध, संवाद, नाटक, आत्मकथा, कथायें आदि छात्रों को शिक्षण से इन विधाओं एवं रूपों से अवगत कराया जाता है।
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