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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- 'अध्यापक के लिए श्यामपट्ट अच्छा मित्र है' - स्पष्ट कीजिए।
अथवा
हिन्दी शिक्षण में सहायक सामग्री के रूप में श्यामपट्ट के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
अथवा
"श्यामपट्ट अध्यापक का अच्छा मित्र होता है" व्याख्या कीजिए।
अथवा
श्यामपट्ट अध्यापक का गूंगा मित्र कहा जाता है। इस कथन की विवेचना कीजिए।
उत्तर-
शिक्षण प्रक्रिया में श्यामपट्ट का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। श्यामपट्ट के अभाव में कक्षा-कक्ष पूर्ण नहीं होता। श्यामपट के प्रयोग की शिक्षक को कदम-कदम पर आवश्यकता होती है। इसके अभाव में शिक्षक निःसहाय प्रतीत होता है। कक्षा शिक्षण में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों का समाधान या अधिगम को अधिक प्रभावी बनाने हेतु श्यामपट्ट की आवश्यकता होती है। श्यामपट्ट के माध्यम से प्राप्त ज्ञान अधिक प्रभावशाली तथा स्थायी होता है। श्यामपट्ट द्वारा प्राप्त ज्ञान इसलिए अधिक प्रभावी एवं स्थायी होता है क्योंकि इसके उपयोग करने से छात्रों को आँख तथा कान दो ज्ञानेन्द्रियों को उपयोग करना पड़ता है। जैसा कि हमें ज्ञात है कि ज्ञानेन्द्रियाँ हमारे ज्ञान के द्वार होती हैं। इस प्रकार जब दो ज्ञानेन्द्रियों के माध्यम से कोई ज्ञान प्राप्त किया जाता है तो स्वाभाविक है कि वह अधिक स्थायी एवं प्रभावी होगा।
श्यामपट्ट का शिक्षक के द्वारा प्रयोग किया जाना उसकी क्रियात्मक योग्यता का प्रतीक होता है। छात्र अध्यापक के इस क्रिया से प्रभावित होते हैं और पाठ को सीखने के प्रति अधिक जिज्ञासु तथा ध्यान को केन्द्रित करते हैं। श्यामपट्ट का उपयोग करके अध्यापक छात्रों के सम्मुख एक आदर्श प्रतिमान उपस्थित करता है। श्यामपट्ट का प्रयोग केवल छात्रों के लिए ही लाभप्रद नहीं रहता अपितु अध्यापक को भी लाभ पहुँचाता है। श्यामपट्ट का प्रयोग करने से अध्यापक के अन्दर आत्मविश्वास उत्पन्न होता हैं तथा अध्यापक अपने शिक्षण को और अधिक प्रभावशाली ढंग से करने में सक्षम होता है।
श्यामपट्ट का प्रयोग करके अध्यापक पाठ को एक इकाई के रूप में अर्थात् समग्र रूप से पढ़ाने में सक्षम रहता है। श्यामपट्ट के प्रयोग से समय तथा शक्ति की बचत भी होती है। अध्यापक छात्रों को गृहकार्य या कक्षा कार्य देते समय प्रत्येक छात्र की कापी में न लिखकर श्यामपट्ट पर लिख देता है जिससे एक समय में कक्षा के सभी छात्र उस कार्य को अपनी कापी में उतार सकते हैं जिससे अध्यापक एवं छात्रों के समय एवं शक्ति को बचाने में श्यामपट्ट सहायक होता है। कई बार कुछ ऐसा महत्त्वपूर्ण बातें, लेखकों के नाम या सूत्र होते हैं जिनका शिक्षण के दौरान बार-बार प्रयोग की आवश्यकता होती है जिन्हें श्यामपट्ट पर लिख देने से आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उपयोग किया जा सकता है या उनकी ओर छात्रों का ध्यान आकर्षित किया जा सकता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि श्यामपट्ट अध्यापक के लिए अच्छा मित्र ही नहीं बल्कि अच्छा दिशा निर्देशक भी होता है।
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