लोगों की राय

बी एड - एम एड >> बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-B - मूल्य एवं शान्ति शिक्षा

बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-B - मूल्य एवं शान्ति शिक्षा

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :232
मुखपृष्ठ : ई-पुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 2701
आईएसबीएन :0

Like this Hindi book 0

बी.एड. सेमेस्टर-1 प्रश्नपत्र- IV-B - मूल्य एवं शान्ति शिक्षा

प्रश्न- द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों एवं परिणामों की व्याख्या कीजिए। द्वितीय विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण क्या था?

उत्तर-

द्वितीय विश्वयुद्ध निश्चय की संघ की कट्टरता, नवन-विश्वास, प्रथम विश्व युद्ध से उपजी आर्थिक मंदी, तानाशाही की नीति, साम्राज्यवादी दृष्टिकोण की नीति, राष्ट्रवाद, जातीय संकुचित गुटबंदी आदि से प्रभावित था। प्रथम विश्व युद्ध के उपरांत आर्थिक कष्टकारिता एवं सामाजिक राजनीतिक वातावरण को सुलझाने में सम्प्रभु असफल रहा। संदेह एवं शक्ति-सन्तुलन की राजनीतिक नीति भी इस युद्ध एक-दूसरे पर विश्वास के लिए तैयार नहीं था। हिटलर एवं मुसोलिनी की तानाशाही नीति एवं प्रथम विश्व युद्ध विराम समझौते में उत्पन्न की स्थिति को ही स्वाभाविक समझते थे। ऐसी स्थिति में युद्ध को बहुत दिनों तक टाला सम्भव नहीं था। द्वितीय विश्व युद्ध प्रथम विश्वयुद्ध से ज्यादा विनाशकारी था एवं बड़े पैमाने पर लड़ा गया। द्वितीय विश्वयुद्ध में अपूर्व नष्टता एवं नरसंहार हुआ और मानव ने उसके विनाशकारी रूप को देख जिसके बाद आणविक युद्ध की कल्पना से सिहर गया।

परिणाम-
(1) द्वितीय विश्वयुद्ध में अपार धन, जन, की हानि हुई।
(2) द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद एशिया महाद्वीप में यूरोपीय देशों की प्रभुता को लगभग समाप्ति हो गया। जिससे अफ्रीकी समाज में अस्थिरता आ गई।
(3) राष्ट्रसंघ की समाप्ति हो गई तथा अमेरिका की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई।
(4) अपूर्व धन निर्माण एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना।
(5) विश्व में तीन गुटों का निर्माण- अमेरिकी गुट, सोवियत गुट, तटस्थ राष्ट्रों का संघर्ष।
(6) द्वितीय विश्व युद्ध के बाद समाजवाद का नए रूप सामने आया। यह विकसित राज्य अफ्रीकी राज्यों पर अपने राजनीतिक दबाव के माध्यम से नियन्त्रण स्थापित करने लगे।

द्वितीय विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण- द्वितीय विश्वयुद्ध का तात्कालिक कारण जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण। परन्तु यदि यह आक्रमण न हुआ होता, तब भी संसार में लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुरक्षित बनाये रखने का संकट सम्भव था। जर्मनी के सैनिकों की बड़ी सेना बिना विधिवत प्रशिक्षण के प्रशिक्षित करने लगी। जर्मन सेना ने पोलैंड पर अपना आक्रमण प्रारम्भ कर दिया। आक्रमण ने पोलैंड की रक्षा करने हेतु ब्रिटेन एवं फ्रांस नवम्बर में द्वितीय युद्ध एवं फ्रांस ने कहा कि यदि अब भी पोलैंड से जर्मन सेना वापस नहीं आती है, तो युद्ध की घोषणा नहीं करेंगे। लेकिन, जब हिटलर ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया तो 3 सितम्बर को ब्रिटेन ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी उसके कुछ ही घंटों बाद फ्रांस ने भी ऐसा ही किया। इस प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हुई।

...Prev | Next...

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book