|
बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
|
|
||||||
बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- माध्यमिक स्तर पर व्याकरण शिक्षण के उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
माध्यमिक स्तर पर हिन्दी व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर हिन्दी व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
1. छात्रों को शब्दों के आठ भेदों-संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया विशेषण तथा सम्बन्ध बोधक, समुच्चय बोधक और विस्मयादि बोधक अव्यय रूपों का ज्ञान करना।
2. छात्रों को पर्यायवाची शब्द, समूहार्थक शब्द, अनेकार्थक शब्द, शब्द युग्म, अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द तथा आवृत्ति वाले शब्द आदि के प्रयोग का अभ्यास कराना।
3. छात्रों को शुद्ध वर्तनी, विन्यास, वाक्य विश्लेषण आदि से परिचित कराना।
4. छात्रों को हिन्दी साहित्य के विविध रूपों का व्याकरण के परिप्रेक्ष्य में ज्ञान कराना।
5. छात्रों को व्याकरणिक दृष्टि से हिन्दी भाषा के वैज्ञानिक तत्त्वों की जानकारी देना।
6. छात्रों को हिन्दी भाषा के व्याकरण सम्मत स्वरूप की अनुभूति कराना।
7. छात्रों को व्याकरणिक हिन्दी भाषा की भाव पक्ष के सम्यक् प्रतिपादन के सम्बन्धित क्षमता व सामर्थ्य से परिचित कराना।
8. छात्रों को व्याकरण के आधार पर हिन्दी साहित्य में रस, अलंकार, छन्द आदि के माध्यम से रसानुभूति कराना।
9. हिन्दी की भाषा के व्याकरण सम्मत स्वरूप को व्यावहारिक धरातल पर उपयोगी, आनन्ददायक, रोजगारपरक तथा समस्त विषयों के लिए सक्षम बनाना।
10. हिन्दी के व्याकरण को भाषागत लचीलेपन के आधार पर अनुकूलित करना।
11. छात्रों को सूक्तियों, मुहावरों, कहावतों व लोकोक्तियों का तर्कसंगत प्रयोग करना सिखाना।
12. छात्रों को भाषा द्वारा अभिव्यक्ति के विभिन्न रूपों में कुशल बनाना
13. छात्रों में हिन्दी भाषा, व्याकरण तथा साहित्य की कमियों के प्रति पूर्वाग्रह मुक्त होकर मूल्यांकन करने की क्षमता उत्पन्न करना।
14. हिन्दी भाषा के साहित्यिक, वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रौद्योगिकी तथा व्यावसायिक रूपों का सर्वमान्य विकास करते हुए उनका संरक्षण करना।
|
|||||
i 








