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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- अलंकार शिक्षण की विधियाँ बताइये।
उत्तर-
अलंकार शिक्षण की विधियाँ - हिन्दी भाषा साहित्य में अलंकार शिक्षण की प्राय- तीन विधियाँ होती है-
(1) विभिन्न अलंकारों का शिक्षण - अलंकारो का शिक्षण करने के लिए विभिन्न अलंकारों के विषय मे छात्रों को बोध कराना। इसके लिए निम्नलिखित प्रकरणों पर आधारित पाठ योजना का निर्माण किया जाता है।
(i) अलंकार का अर्थ व संकल्पना।
(ii) अलंकारों का भाषा साहित्य में महत्व व आवश्यकता।
(iii) अलंकारों के भेद तथा उपभेदों की उदाहरण सहित व्याख्या।
(2) भाषा-साहित्य मे निहित अलंकारों की पहचान - साहित्य मे निहित अलंकारों की पहचान के लिए पहले विषय-वस्तु के शब्दार्थ तथा भाषार्थ ज्ञात किये जाते हैं इसके बाद उसके अंशों की व्याख्या में उनके कला पक्ष के अन्तर्गत अलंकारों की पहचान की जाती हैं।
(3) पाठ्येत्तर गद्य / पद्म में अलंकारों की पहचान - प्रायः शिक्षण के दौरान अनेक ऐसी कविताएं सामने आ जाती है जो पाठ्यक्रम के निर्धारित नही होती। ऐसी रचनाओं में अलंकारों की पहचान करने के लिए भी उक्त विधि का ही प्रयोग किया जाता है। अर्थात रचना के शब्दानुवाद तथा भाषानुवाद तथा भावार्थ की तुलना विभिन्न अलंकारों की परिभाषाओं तथा लक्षणों से की जाती है और पाए जाने वाले अलंकार का निर्णय कर लिया जाता है।
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