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बी एड - एम एड >> बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षणसरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीएड सेमेस्टर-2 हिन्दी शिक्षण - सरल प्रश्नोत्तर
प्रश्न- हिन्दी में विद्यार्थियों के उच्चारण दोषों के सम्भावित कारण लिखिए।
उत्तर-
किसी भी भाषा में उच्चारण का अत्यधिक महत्त्व होता है। भाषा सीखने और सिखाने में उच्चारण की अशुद्धियाँ बहुत बाधक होती हैं। शुद्ध उच्चारण ही भाषा-विशेष के ज्ञान का प्रथम चरण होता है। हिन्दी भाषा उन्नति के पथ पर अग्रसर हो रही है अतः उच्चारण की शुद्धता की ओर ध्यान देना परमावश्यक है। छात्रों के उच्चारण में अनेक दोष आ जाते हैं इनके कारण निम्नलिखित हैं-
1. ध्वनि लोपन - किसी ध्वनि का लोप कर देना।
2. ध्वनि विकृति - किसी ध्वनि का अल्प उच्चारण या अति उच्चारण करना।
3. ध्वनि विपर्यय - किसी ध्वनि को उलट-पलट देना।
4. ध्वनि का सही ज्ञान न होना।.
5. उच्चारण के साधारण नियमों का ज्ञान न होना।
6. हकलाना या तुतलाना।
7. दोषयुक्त श्रवण प्रक्रिया।
8. सुर, अनुतान, बलाघात आदि का अनुचित प्रयोग।
9. कुछ शारीरिक विकृतियाँ - ओष्ठ विकृति, दन्तक्षय, कोमल तालु, अभाव, कालत्व अभाव या लघुत्व।
10. कुछ स्थानीय बोलियों का प्रभाव।
11. शब्द लाघव की प्रवृत्तियाँ।
12. अध्यापन द्वारा निर्देशन की कमी।
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